पिछले 45 वर्षों से आपकी सेवा में
अनुभव, विश्वास और सौम्य चिकित्सा डॉ. नरेश कुमार गुप्ता
रामपुर (रोशन बाग़) एवं सेक्टर 14, गुरुग्राम में होम्योपैथिक चिकित्सा द्वारा हज़ारों रोगियों को स्वास्थ्य-लाभ। एड़ी व तलवे का दर्द, मस्से, गोखरू, बवासीर, बुखार तथा जटिल पुरानी बीमारियों का सौम्य उपचार।
- ✓ 45+ वर्षों का अनुभव
- ✓ प्रमाणित एवं पंजीकृत चिकित्सक
- ✓ सौम्य व सुरक्षित दवाएँ
- ✓ हज़ारों स्वस्थ रोगी

45+
वर्षों का अनुभव
हज़ारों
संतुष्ट रोगी
2
क्लिनिक: रामपुर व गुरुग्राम
परिचय
डॉ. नरेश कुमार गुप्ता विगत 45 वर्षों से होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से रोगियों की सेवा कर रहे हैं। साढ़े चार दशकों से भी लंबी इस यात्रा में उन्होंने साधारण सर्दी-बुखार से लेकर वर्षों पुरानी जटिल बीमारियों तक, हर प्रकार के रोगियों का उपचार किया है। वे प्रमाणित होम्योपैथिक चिकित्सक हैं और भारत में होम्योपैथिक चिकित्सा हेतु आवश्यक सभी योग्यताएँ एवं पंजीकरण रखते हैं। अब वे रामपुर (उ.प्र.) के साथ-साथ गुरुग्राम में भी उपलब्ध हैं।
उनकी पहचान किसी विज्ञापन से नहीं, बल्कि स्वस्थ हुए रोगियों के विश्वास से बनी है। आज भी उनके पास आने वाले अधिकांश रोगी पुराने रोगियों की सलाह पर ही आते हैं। यही उनकी चिकित्सा की सबसे बड़ी पहचान है।

होम्योपैथी क्या है?
होम्योपैथी चिकित्सा की वह पद्धति है, जिसकी खोज जर्मन चिकित्सक डॉ. सैमुअल हानेमान ने लगभग दो सौ वर्ष पूर्व की थी। यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि रोग के लक्षणों को दबाने के बजाय शरीर की अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को जगाकर रोग को दूर करने का प्रयास किया जाए।
- प्राकृतिक स्रोतों से बनी अत्यंत सौम्य दवाएँ
- मीठी गोलियाँ, जिन्हें बच्चे भी आसानी से लेते हैं
- भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त पद्धति
- पुराने एवं बार-बार लौटने वाले रोगों में विशेष उपयोगी

किन रोगों का उपचार
जिन रोगों के उपचार का डॉक्टर साहब को विशेष अनुभव है, श्रेणी अनुसार:
चिकित्सा-पद्धति: परामर्श कैसे होता है
विस्तृत बातचीत
रोग के लक्षण, पुरानी बीमारियाँ, खान-पान और दिनचर्या, सब कुछ आराम से, विस्तार में सुना और समझा जाता है।
मूल कारण की पहचान
केवल ऊपरी लक्षणों को नहीं, रोग की जड़ को समझने का प्रयास किया जाता है, ताकि उपचार स्थायी हो।
व्यक्तिगत दवा का चयन
हर रोगी की प्रकृति के अनुसार दवा और उसकी शक्ति (पोटेंसी) का चुनाव किया जाता है। एक ही रोग में भी अलग-अलग रोगियों को अलग दवा दी जा सकती है।
नियमित फ़ॉलो-अप
दवा के प्रभाव के अनुसार समय-समय पर परामर्श और आवश्यकता होने पर दवा में बदलाव किया जाता है।

होम्योपैथी ही क्यों?
सौम्य एवं सुरक्षित
होम्योपैथिक दवाएँ मीठी गोलियों के रूप में दी जाती हैं, इसलिए बच्चे और बुज़ुर्ग भी इन्हें सहजता से ले सकते हैं।
मूल कारण पर काम
केवल लक्षण दबाने के बजाय रोग के मूल कारण को समझकर चिकित्सा की जाती है।
हर रोगी के लिए अलग दवा
रोगी का स्वभाव, दिनचर्या और पूरी जीवनशैली समझकर ही दवा का चयन किया जाता है।


हमारा मूल मंत्र
"स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है।"
प्राकृतिक चिकित्सा
प्रकृति से प्राप्त सौम्य, सुरक्षित औषधियाँ
व्यक्तिगत उपचार
हर रोगी के लिए अलग दवा, अलग परामर्श
मन और शरीर दोनों
संपूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान
हर आयु के लिए
शिशु से बुज़ुर्ग तक, सबके लिए होम्योपैथी
देखभाल · उपचार · सशक्त जीवन
रोगियों के अनुभव
हमारी सबसे बड़ी पूँजी: स्वस्थ हुए रोगियों का विश्वास
पिछले दस वर्षों से गर्दन के दर्द से परेशान था। उठने-बैठने तक में कष्ट होता था। डॉक्टर साहब की दवा नियमित लेने से धीरे-धीरे पूरा आराम मिल गया। अब बिना किसी तकलीफ़ के अपना काम कर पाता हूँ।
दो साल से त्वचा के रोग से परेशान था। अंग्रेज़ी दवाएँ खाते-खाते थक गया, पर कोई लाभ नहीं हुआ। डॉक्टर साहब की होम्योपैथिक दवा से कुछ ही महीनों में त्वचा बिल्कुल साफ़ हो गई। मैं उनका हृदय से आभारी हूँ।
ये रोगियों के निजी अनुभव हैं। परिणाम हर रोगी की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
प्रश्न-उत्तर
क्या पहले से समय (अपॉइंटमेंट) लेना ज़रूरी है?
नहीं, आप क्लिनिक के समय में सीधे आ सकते हैं। दूर से आने वाले रोगी फ़ोन या WhatsApp पर पहले जानकारी ले लें, तो सुविधा रहेगी।
क्या होम्योपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) होते हैं?
योग्य चिकित्सक के परामर्श से ली गई होम्योपैथिक दवाएँ अत्यंत सौम्य होती हैं और बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं।
क्या पुरानी जाँच रिपोर्ट साथ लानी चाहिए?
हाँ, यदि आपने पहले कोई जाँच करवाई है या कोई दवाएँ चल रही हैं, तो उनकी रिपोर्ट और सूची अवश्य साथ लाएँ। इससे रोग को समझने में सहायता मिलती है।
असर दिखने में कितना समय लगता है?
यह रोग की प्रकृति पर निर्भर करता है। नई शिकायतों में असर प्रायः जल्दी दिखता है, जबकि वर्षों पुराने रोगों में धैर्य के साथ नियमित दवा लेना आवश्यक होता है।
पहली मुलाक़ात में क्या होगा?
पहली मुलाक़ात में डॉक्टर साहब आपकी पूरी बात (लक्षण, इतिहास, खान-पान और दिनचर्या) विस्तार से सुनते हैं, इसलिए थोड़ा समय लेकर आएँ। आपकी बताई हर बात पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
परामर्श शुल्क (फ़ीस) कितना है?
परामर्श शुल्क सामान्य एवं किफ़ायती रखा गया है, और दवाएँ क्लिनिक से ही मिल जाती हैं। विवरण के लिए फ़ोन या WhatsApp पर पूछ सकते हैं।
दूर रहने वाले रोगी क्या करें?
दूसरे शहर या गाँव से आने वाले रोगी आने से पहले फ़ोन या WhatsApp पर संपर्क कर लें, ताकि क्लिनिक के समय और ज़रूरी जानकारी की पुष्टि हो जाए और आपको असुविधा न हो।
क्लिनिक का समय
| सोमवार - शनिवार | सुबह 10:00 - 2:00 · शाम 5:00 - 8:00 |
| रविवार | अवकाश |
हमारे क्लिनिक
रामपुर क्लिनिक
📍 राधा रोड, रोशन बाग़, SBI ADB बैंक के पास, रामपुर (उत्तर प्रदेश)
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गुरुग्राम क्लिनिक
📍 मकान नं. 303, सेक्टर 14, गुरुग्राम (हरियाणा)
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